चाईबासा में प्रसूता की मृत्यु मामले में कार्रवाई
झारखंड के चाईबासा में एक प्रसूता की मृत्यु के मामले में चिकित्सा लापरवाही के आरोप में नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर को दोषी पाया गया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इस मामले में 2-1 के बहुमत से निर्णय दिया है। आयोग ने डॉक्टर को 11 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
मामले का विवरण
यह मामला तब शुरू हुआ जब एक महिला ने नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान अपनी जान गंवा दी। परिजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण यह घटना घटी। आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद नर्सिंग होम के संचालक डॉक्टर को दोषी ठहराया।
आयोग का निर्णय
आयोग ने सुनवाई के दौरान सभी पहलुओं पर विचार करते हुए अपने फैसले में कहा कि डॉक्टर की लापरवाही स्पष्ट थी। इससे पीड़ित परिवार को मानसिक और आर्थिक नुकसान हुआ है। इसलिए, मुआवजे का आदेश दिया गया है।
परिवार की प्रतिक्रिया
डॉक्टर के खिलाफ निर्णय आने के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। उन्होंने आयोग के फैसले को न्याय की जीत बताया है। परिवार ने उम्मीद जताई है कि इस निर्णय से अन्य चिकित्सा संस्थानों में लापरवाही कम होगी।
