रांची : झारखंड सीआईडी ने बोकारो जिले में तेतुलिया वन भूमि से जुड़े घोटाले में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। जांच टीम ने आरोपी शैलेश कुमार सिंह को बिहार की राजधानी पटना के इंद्रपुरी से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद सीआईडी टीम उसे रांची लेकर आई, जहां कोर्ट में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

​75 एकड़ सरकारी जमीन की बिक्री 10 करोड़ रुपये में

सीआईडी के अनुसार, आरोपी शैलेश सिंह ने एक कंपनी का गठन किया और उस कंपनी के माध्यम से अंसारी बंधुओं से लगभग 75 एकड़ वन भूमि 10 करोड़ रुपये में खरीदी। इसके पश्चात इस जमीन की हेराफेरी कर अवैध तरीके से लाभ कमाने का प्रयास किया गया।

इस योजना का मुख्य सूत्रधार इजहार अंसारी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तेतुलिया की लगभग 103 एकड़ सरकारी वन भूमि पर अपना दावा पेश किया था। इस धोखाधड़ी में बोकारो के कई सरकारी अधिकारियों ने भी उसकी सहायता की थी। मामले के प्रकाश में आने के बाद, इजहार अंसारी की मदद करने वाले एक अंचल अधिकारी को पहले ही नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है।

​जांच में शामिल हैं ED और CID

इस बड़े जमीन घोटाले की गंभीरता को देखते हुए, सीआईडी के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय भी मामले की जांच कर रहा है। ईडी की जांच में यह सामने आया है कि इजहार अंसारी ने अपने पूर्वजों के नाम पर पुरुलिया जिला कार्यालय से फर्जी नीलामी के दस्तावेज तैयार किए। इन्हीं नकली कागजों के आधार पर राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मिलकर जमीन का म्यूटेशन इजहार के नाम कर दिया।
​जमीन अपने नाम होने के बाद, इजहार ने इसे आगे बेच दिया। सीआईडी को जांच के दौरान शैलेश सिंह के खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन की खरीद-बिक्री करने के पक्के सबूत मिले हैं, जिसके बाद यह गिरफ्तारी की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है।