जामताड़ा में युवाओं की भविष्य की सुरक्षा की मांग
जामताड़ा में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बहाल करने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं। परिषद ने कहा है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विवादास्पद परीक्षाओं को तुरंत रद्द किया जाए। इसके साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को नियुक्त करने की भी मांग की गई है।
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता
अभाविप ने यह भी अनुरोध किया है कि इस मामले में दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा दिलाने के लिए मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए। परिषद का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से न केवल न्याय की प्राप्ति होगी, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग
इस मुद्दे पर जोर देते हुए, अभाविप ने राज्य के मुख्यमंत्री, जो शिक्षा मंत्री का भी पद संभालते हैं, से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है। परिषद का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार की गड़बड़ियों की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की है।
स्थानीय छात्रों के लिए नौकरी के अवसर
अभाविप ने उच्च शिक्षा में स्थानीय छात्रों की भलाई के लिए तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों को समाप्त न करने की भी अपील की है। उनका मानना है कि यह कदम स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर को प्रभावित करेगा।
डिजिटल ऑडिट योग्य परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता
आगामी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक पूरी तरह से डिजिटल ऑडिट योग्य और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू करने की भी मांग की गई है। परिषद का मानना है कि इस तरह की प्रणाली से पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे युवा छात्रों का विश्वास बढ़ेगा।
