हजारीबाग में अवैध कब्जा हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई
हजारीबाग जिले के सदर प्रखंड में स्थित हुड़हुड़ू क्षेत्र में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए खास महल की भूमि से अवैध कब्जा हटाया है। उपायुक्त के निर्देश पर सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार के नेतृत्व में कोर्रा कैंटोनमेंट क्षेत्र के हुड़हुड़ू रोड पर स्थित होल्डिंग संख्या 302 में करीब 58 डिसमिल भूमि पर किए गए अतिक्रमण को जेसीबी की सहायता से समाप्त किया गया।
जमीन विवाद का लंबा इतिहास
इस भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन के अनुसार, यह भूमि खास महल की है, जिस पर अवैध कब्जे की शिकायत प्राप्त हुई थी। इस मामले में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने भी अपनी बात रखी है, उनके अनुसार उनके पास इस भूमि के संबंध में दस्तावेज और दावे हैं। हालांकि, सदर अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह सरकारी भूमि है और इस पर किसी भी अवैध कब्जे को स्वीकार नहीं किया जाएगा। भूमि विवाद को लेकर अंचलाधिकारी और पूर्व मंत्री के बीच कई बार चर्चा भी हो चुकी है। प्रशासन ने बताया कि भूमि को लेकर आवश्यक नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अस्थाई बाउंड्री वॉल का ध्वस्तीकरण
सोमवार को सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार और बड़ा बाजार थाना प्रभारी मुकेश रजक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद जेसीबी की मदद से वहां बनाई गई अस्थाई बाउंड्री वॉल को हटा दिया गया। उल्लेखनीय है कि इस कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री योगेंद्र साव मौके पर मौजूद नहीं थे। अंचलाधिकारी ने बताया कि जमीन पर पेड़ लगाने और निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे हटाने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि आयुक्त स्तर पर भूमि को रिज्यूम करने के लिए रिकॉर्ड सरकार को भेजा जा चुका है और अतिक्रमण के मामले में बड़ा बाजार थाने में पहले से कांड संख्या 489/023 दर्ज है।
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
अंचलाधिकारी ने इस कार्रवाई को उन सभी लोगों के लिए एक संदेश बताया जो सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
2023 में भी उठा था यह मामला
यहां ध्यान देने वाली बात है कि यही भूमि वर्ष 2023 में भी विवादों में रही थी। उस समय यहां टिन शेड से अस्थाई बाउंड्री वॉल बनाई गई थी, जिसे तत्कालीन अंचलाधिकारी ने ध्वस्त किया था। अब फिर से अतिक्रमण की शिकायत के बाद वर्तमान अंचलाधिकारी ने कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जामुक्त कराया है।
