रांची : 14वीं जेपीएससी मामले में भारतीय जनता पार्टी ने अब आक्रामक रुख अपनाया है। भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस और झामुमो पर तीखे हमले किए। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और भर्ती घोटालों के आरोप लगाए हैं। शाहदेव ने सरकार के साढ़े छह वर्षों के कार्यकाल के दौरान आयोजित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि राज्य सरकार का यह कार्यकाल युवाओं के सपनों की हत्या और भर्ती प्रक्रिया पर अविश्वास का प्रतीक बन गया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए 14वीं JPSC पीटी परीक्षा को रद्द करने और इसकी सीबीआई जांच कराने की भी अपील की है।
JPSC पीटी रद्द, आयोग के पुनर्गठन की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान प्रतुल शाहदेव ने कहा कि JPSC पर लग रहे गंभीर आरोपों के चलते आयोग के सभी सदस्यों को बर्खास्त कर पारदर्शी तरीके से नई नियुक्तियों की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते के खिलाफ गंभीर तथ्यों के बावजूद उनकी गिरफ्तारी न होना यह दिखाता है कि CID केवल निचले स्तर के लोगों पर कार्रवाई कर रही है, जबकि मामले के प्रमुख जिम्मेदारों तक नहीं पहुंची है।
CID की कार्रवाई पर सवाल, राहुल – प्रियंका पर भी साधा निशाना
प्रतुल शाहदेव ने यह भी कहा कि पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते ने श्वेता गुप्ता के स्थानांतरण के बाद उन्हें विधिवत रूप से कार्यमुक्त नहीं किया, केवल परीक्षा परिणाम पर हस्ताक्षर किए और एक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी का चयन किया। उनका कहना था कि संविधान और JPSC नियमावली के अनुसार परीक्षा संचालन, मूल्यांकन और अंतिम चयन आयोग का संवैधानिक दायित्व है, जिसे निजी एजेंसी को सौंपना कानून की भावना के विपरीत है। भाजपा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और शीर्ष स्तर तक कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि JPSC विवाद पर कांग्रेस की चुप्पी उसके दोहरे राजनीतिक चरित्र को दर्शाती है। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।
