रांची में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं के खिलाफ अभ्यर्थियों का सत्याग्रह
झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अभ्यर्थियों द्वारा चलाए जा रहे सत्याग्रह के क्रम में उन पर आंदोलन समाप्त करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राम अवतार महतो ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि “जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती महा अभियान” के तहत विभिन्न चरणों में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया जा रहा है। यह सत्याग्रह 24 जुलाई से मोराबादी स्थित बापू वाटिका में शुरू किया गया था, जिसके बाद प्रशासन के निर्देश पर इसे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में स्थानांतरित किया गया।
उपद्रवियों के खिलाफ शिकायत और सुरक्षा की मांग
अभ्यर्थियों ने जानकारी दी कि 29 जुलाई को संविधान यात्रा के सफल आयोजन के बाद आंदोलन समाप्त करने के लिए कुछ लोगों द्वारा लगातार दबाव बनाया जाने लगा। इस संदर्भ में 30 जुलाई को कोतवाली थाना में कथित उपद्रवियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई गई। साथ ही, अभ्यर्थियों ने अनुमंडल पदाधिकारी और जिला प्रशासन से सत्याग्रही अभ्यर्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिखित मांग की।
कैंडल मार्च और आंदोलन की चिंता
आंदोलनकारियों ने आगे बताया कि 31 जुलाई को उनके समर्थन में एक कैंडल मार्च भी निकाला गया। शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में राम अवतार महतो ने आंदोलन के भीतर अलग-अलग गुटों के निर्माण पर चिंता व्यक्त की और प्रशासन से उचित कार्रवाई की अपील की। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य चयन परीक्षाओं में पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है और यह सत्याग्रह लगातार आठवें दिन भी जारी है।
