झारखंड में नीट और प्रतियोगी परीक्षाओं पर राजनीतिक विवाद
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया है कि वह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के मामले में चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने इस मुद्दे पर सीबीआई जांच की मांग की है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इन परीक्षाओं में भ्रष्टाचार का स्तर क्या है।
कांग्रेस पर आरोप
दास का कहना है कि कांग्रेस ने नीट को लेकर राजनीति की है, जबकि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में अनियमितताओं पर उनकी चुप्पी समझ से परे है। उनका मानना है कि राजनीतिक दलों को इस गंभीर मुद्दे पर खुलकर बोलना चाहिए और छात्रों के हित में कार्रवाई करनी चाहिए।
छात्रों का भविष्य
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में चुप रहना छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें और आवश्यक कदम उठाएं ताकि परीक्षा प्रणाली में सुधार हो सके। दास का मानना है कि यह केवल छात्रों का मामला नहीं है, बल्कि पूरे राज्य का भविष्य इससे प्रभावित होता है।
समर्थन की आवश्यकता
रघुवर दास ने कहा कि सभी को मिलकर इस मुद्दे पर आवाज उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो यह छात्रों के लिए और भी कठिनाइयाँ पैदा कर सकता है। इस संदर्भ में, उन्होंने सभी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों से समर्थन की अपील की है।
