जोहार लाइव ब्यूरो

रांची में चल रहे एक आंदोलन ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है, जो जंतर मंतर से शुरू होकर पटना होते हुए रांची तक पहुंच चुका है। 23 जुलाई को रांची के हरमू रोड पर भाजपा कार्यालय के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा रद्द करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष हुआ।

प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ईंट, पत्थर, टमाटर और अंडे फेंके। इसके बाद कांग्रेसी कार्यकर्ता अरगोड़ा थाना पहुंचे और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी एवं प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू सहित अन्य नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके जवाब में भाजपा ने भी अपनी प्राथमिकी दर्ज कराई।

इस विवाद में कांग्रेस नेता शहबाज अहमद ने एक अन्य प्राथमिकी भी दर्ज कराई, जिसमें महिला कार्यकर्ताओं से छेड़खानी और अभद्रता का आरोप लगाया गया। रांची के सांसद और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है, जबकि इस घटना के समय वे लोकसभा में उपस्थित थे।

संजय सेठ ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी को झूठा और भाजपा नेताओं को फंसाने की एक साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि 23 जुलाई को जब कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय का घेराव कर रहे थे, तब वे संसद में थे और इस बात का आधिकारिक रिकॉर्ड भी है।

मामले का विवरण

23 जुलाई को रांची में प्रदेश भाजपा कार्यालय के घेराव के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर हमला किया, जिससे महिला कार्यकर्ताओं की लज्जा भंग करने का प्रयास किया गया। शहबाज अहमद द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में संजय सेठ, आदित्य साहू, बाबूलाल मरांडी और प्रदीप वर्मा सहित कई भाजपा नेताओं को नामजद किया गया है।

दूसरी प्राथमिकी में आरोप है कि भाजपा कार्यालय में पत्थर पहले से जमा थे।

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने भाजपा कार्यालय पर हमला किया और महिला कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस फर्जी मामले बना रही है। अगर उनके पास सबूत हैं, तो वे घटना का वीडियो फुटेज दिखाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं का अपमान करने का रहा है और यह पूरा मामला झूठ का पुलिंदा है। फिलहाल पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस बीच, जोहार लाइव ने शिकायतकर्ता शहबाज अहमद से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। उनसे बातचीत होने पर उनका पक्ष भी प्रस्तुत किया जाएगा।