गुमला में सामूहिक हत्या मामले में सात दोषियों को उम्रकैद

गुमला : गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र स्थित बुरुहातु आमटोली गांव में 2021 में हुई सामूहिक हत्या के मामले में जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-5 की अदालत ने बुधवार को सात आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अंधविश्वास और डायन-बिसाही के संदेह में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

इस क्रूरता के शिकार होने वालों में एक पांच वर्षीय बच्चा भी शामिल था। अदालत ने अमृत टोपनो, डेनियल टोपनो, सावन टोपनो, फिरंगी टोपनो, सलीम टोपनो, सोमा टोपनो और फिलिप टोपनो को दोषी करार देते हुए उन्हें जीवन भर की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अन्य धाराओं के अंतर्गत भी अलग-अलग सजा दी गई है। 23 फरवरी 2021 की रात को घटित इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था।

घटना से पूर्व गांव में एक पंचायत बुलाई गई थी, जिसमें कुछ लोगों की बीमारी और मृत्यु के लिए 55 वर्षीय जोसफीना डहंगा और उनके पति निकोदीन टोपनो को जिम्मेदार ठहराया गया था। उन पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया गया था। पंचायत के बाद गांव में फैला अंधविश्वास एक खूनी जुनून में तब्दील हो गया। रात के समय हमलावर हथियार लेकर पीड़ित परिवार के घर में घुस गए और निर्ममता से जोसफीना डहंगा, उनके पति निकोदीन टोपनो, 32 वर्षीय भीमसेंट टोपनो, उनकी पत्नी सिलवंती टोपनो और पांच वर्षीय अलबिन टोपनो पर टांगी से हमला कर दिया।

हत्याओं का कारण अंधविश्वास

इस जघन्य घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि इस फैसले के इंतजार में पीड़ित परिवार का कोई सदस्य जीवित नहीं बचा। तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर बालमुकुंद सिंह के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस जांच में धीरे-धीरे इस सामूहिक हत्या की साजिश का पर्दाफाश हुआ। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि अंधविश्वास और डायन-बिसाही के आरोपों के कारण इस नरसंहार को अंजाम दिया गया था। इस घटना के बाद सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों को सजा देने की मांग की थी। अदालत का यह निर्णय अब न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।