किसानों के लिए कार्यशाला: रासायनिक खेती के दुष्प्रभाव

रांची में आयोजित एक कार्यशाला में किसान मोर्चा, झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष पवन साहू ने किसानों को रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रासायनिक खेती के कारण मिट्टी की उर्वरा शक्ति में कमी आ रही है, जिससे उत्पादन की लागत में वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही, यह मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी नकारात्मक असर डाल रहा है। साहू ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिसमें कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन किया जा सकता है।

स्वास्थ्य और पोषण पर डॉ. बिसाखा सिंह का योगदान

कार्यशाला में डॉ. बिसाखा सिंह ने अन्न के पोषण और स्वास्थ्य के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मड़ुवा सहित अन्य मोटे अनाज कैल्शियम, आयरन, फाइबर और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। डॉ. सिंह ने किसानों को सलाह दी कि वे अन्न से तैयार विभिन्न खाद्य उत्पादों का नियमित सेवन करें, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सके। इस जानकारी ने किसानों को अपने आहार में बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया, जिससे वे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकें।