ट्रांसपोर्ट नगर का संचालन: टेंडर रद्द, आरएफपी में बदलाव की तैयारी

रांची में ट्रांसपोर्टनगर के पहले चरण के उद्घाटन के बाद, नगर विकास एवं आवास विभाग ने इसके संचालन के लिए टेंडर आमंत्रित किए थे। लेकिन टेंडर की शर्तों को देखकर किसी भी कंपनी ने भाग नहीं लिया, जिसके परिणामस्वरूप यह टेंडर रद्द कर दिया गया। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पीपीपी मोड में ट्रांसपोर्ट नगर के संचालन के लिए निर्धारित शर्तें कंपनियों के लिए नुकसानदायक प्रतीत हो रही थीं।

आरएफपी में बदलाव की प्रक्रिया

कंपनियों की बेरुखी को ध्यान में रखते हुए, नगर विकास एवं आवास विभाग अब आरएफपी (Request for Proposal) में संशोधन करने की योजना बना रहा है। जुडको इस बदलाव पर विचार कर रहा है। आरएफपी में किसी योजना का उद्देश्य, कार्य का दायरा, तकनीकी आवश्यकताएं, पात्रता मानदंड, बोली जमा करने की प्रक्रिया, मूल्यांकन के मानदंड, अनुबंध की शर्तें, समय-सीमा और वितरण योजना का उल्लेख होता है। इन शर्तों में ढील देने से उम्मीद है कि आगामी टेंडर में कंपनियों की भागीदारी बढ़ेगी। हालांकि, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने में अभी भी लगभग छह महीने का समय लग सकता है।

ट्रांसपोर्ट नगर की सुविधाएं

ट्रांसपोर्ट नगर में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो इसे परिवहन व्यवसाय के लिए अनुकूल बनाती हैं। इनमें शामिल हैं:

  • 424 वाहनों की पार्किंग क्षमता
  • 120 टन क्षमता के दो धर्मकांटे
  • वाहन मरम्मत के लिए सर्विस स्टेशन
  • 17 कॉमर्शियल दुकानें परिसर में
  • ट्रांसपोर्टरों के लिए 16 ऑफिस
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
  • विश्राम के लिए 360 बेड की डोरमेट्री
  • मनोरंजन केंद्र और फूड प्लाजा
  • 3400 और 6100 वर्ग मीटर के दो वेयरहाउस