उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में हुआ विस्तार

लखनऊ: अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को 2 कैबिनेट मंत्रियों और 4 राज्य मंत्रियों की नियुक्ति की है। इसके साथ ही, प्रदर्शन के आधार पर दो राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार देकर पदोन्नति दी गई है। यह शपथ ग्रहण समारोह राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा जन भवन में आयोजित किया गया।

नए कैबिनेट मंत्रियों की नियुक्ति

भूपेंद्र चौधरी: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और जाट नेता भूपेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। उनकी नियुक्ति को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट समुदाय को साधने की एक रणनीति माना जा रहा है।

मनोज पांडे: रायबरेली के ऊंचाहार से सपा के बागी नेता मनोज पांडे को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है। वे पहले भी अखिलेश यादव की सरकार में मंत्री रह चुके हैं।

राज्य मंत्रियों की नई नियुक्तियां

कृष्णा पासवान (दलित – पासी): फतेहपुर जिले की खागा विधानसभा सीट से 4 बार की विधायक कृष्णा पासवान को राज्य मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है। वे फतेहपुर जिला भाजपा की अध्यक्ष रह चुकी हैं और SC मोर्चा की राष्ट्रीय सचिव का पद भी संभाल चुकी हैं।

सुरेंद्र दिलेर (दलित – वाल्मीकि): अलीगढ़ के खैर से विधायक सुरेंद्र दिलेर ने 2024 में उपचुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक छवि बनाई है। उनका परिवार लंबे समय से राजनीति में सक्रिय है।

हंसराज विश्वकर्मा (OBC): वाराणसी में भाजपा जिला अध्यक्ष रह चुके हंसराज विश्वकर्मा को सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए चुना गया है।

कैलाश राजपूत (OBC): कन्नौज में तिरवा सीट से विधायक कैलाश राजपूत का राजनीतिक करियर काफी लंबा रहा है। वे कई बार भाजपा और BSP के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं।

भाजपा के भीतर असंतोष

मंत्रिमंडल विस्तार के साथ भाजपा में असंतोष के संकेत भी देखने को मिले हैं। आशा मौर्य और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। आशा मौर्य ने कहा कि उन्हें पार्टी से बाहर किए जाने के बाद यह महसूस हुआ कि मौर्य समाज की अब पार्टी को आवश्यकता नहीं है।

Brijbhushan Sharan Singh: बृजभूषण शरण सिंह ने अपने बेटे के लिए मंत्री पद की मांग की थी, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया।

मंत्रिमंडल का गणित

91वें संविधान संशोधन के अनुसार, उत्तर प्रदेश विधानसभा में अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं। इस विस्तार के बाद, राज्य में कुल 60 मंत्री हो गए हैं, जिसमें 23 कैबिनेट मंत्री, 16 स्वतंत्र प्रभार और 21 राज्य मंत्री शामिल हैं।

विधानसभा की वर्तमान स्थिति

विधानसभा में दलों की स्थिति:
भाजपा: 257 विधायक, सपा: 102 विधायक, अन्य: अपना दल (13), RLD (9), SBSP (6), निषाद पार्टी (5), कांग्रेस (2), जनसत्ता दल (2), BSP (1) हैं।

खाली सीटें: 3 (दुद्धी, घोसी, फरीदपुर) हैं। वर्तमान मंत्रिमंडल में सवर्ण मंत्रियों की संख्या 22, ओबीसी मंत्रियों की संख्या 25 और दलित मंत्रियों की संख्या 11 है।