किसलय शानू: रांची
जेपीएसएससी (JPSC) परीक्षा घोटाले से संबंधित सीआइडी की प्रारंभिक रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है कि अभय तिवारी ने हमेशा उच्च पद की परीक्षा दी है। वह इंटरव्यू में चयनित होता रहा, लेकिन उसने कभी भी इंटरव्यू में भाग नहीं लिया। सीआइडी ने अपनी रिपोर्ट में इस स्थिति को संदिग्ध बताया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अभय तिवारी वर्तमान में पोड़ैयाहाट, गोड्डा में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने कई परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है, फिर भी बेहतर पद के लिए इंटरव्यू में चयनित होने के बावजूद वह आगे की परीक्षा में शामिल नहीं हुए, जिससे मामला संदेहास्पद बन गया है।
इस संदर्भ में जानकारी एकत्र करने के लिए सीआइडी ने अभय तिवारी से पूछताछ की है, लेकिन उन्होंने गोल-मोल जवाब दिए हैं। अभय तिवारी द्वारा दी गई परीक्षाओं और उनके परिणामों को लेकर सीआइडी ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।
मुख्यमंत्री को शिकायत में अभय तिवारी के बारे में क्या बताया गया?
शिकायत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सूचित किया गया था कि अभय तिवारी को परीक्षाओं में अनुचित लाभ देकर सफल बनाया गया। शिकायत के बाद विवाद के समय वह मुख्य परीक्षा में उपस्थित नहीं हुए।
इसके अलावा, शिकायतकर्ता ने खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी भर्ती परीक्षा, झारखंड सहायक वन संरक्षक नियुक्ति परीक्षा, झारखंड वन क्षेत्र पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षा और झारखंड संयुक्त असैनिक प्रतियोगिता परीक्षा 2026 में भी गड़बड़ी की आशंका जताई है। इन सभी बिंदुओं पर सीआइडी की जांच जारी है।
सीआइडी की जांच रिपोर्ट के अनुसार अभय तिवारी द्वारा दी गई परीक्षाएं
| परीक्षा का नाम | संस्था का नाम | परिणाम | कोटि | अंतिम परिणाम |
|---|---|---|---|---|
| पीजीटीटीसीइ | जेएसएससी | पास | ईडब्ल्यूएस | अंतिम रूप से चयनित |
| सीजीएल | जेएसएससी | पास, रैंक-2 | ईडब्ल्यूएस | अंतिम रूप से चयनित, गोड्डा में पदस्थापित |
| एसीएफ | जेपीएससी | पीटी पास | ईडब्ल्यूएस | मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित |
| एफआरओ | जेपीएससी | पीटी पास | ईडब्ल्यूएस | मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित |
| एफएसओ | जेपीएससी | मेंस में पास | ईडब्ल्यूएस | इंटरव्यू में अनुपस्थित |
