अनंद दत्त | रांची
झारखंड राज्य में प्रसिद्ध देवघर श्रावणी मेले के दौरान आतंकी गतिविधियों के संबंध में एटीएस एसपी ने एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य में सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। एटीएस एसपी ने इस मामले से संबंधित रिपोर्ट को डीजीपी तदाशा मिश्र, एडीजी अभियान टी. कंदासामी, आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह, आईजी स्पेशल ब्रांच प्रभात कुमार तथा अन्य पुलिस अधिकारियों को भेजा है। इस रिपोर्ट में 311 संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में निगरानी रखने का सुझाव दिया गया है, जो आतंकी गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं।
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि डीजीपी कार्यालय (अभियान) की ओर से 9 जुलाई 2026 को इस मामले से संबंधित जानकारी प्राप्त हुई थी। एटीएस एसपी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस, पूरे देश में मनाया जाएगा। साथ ही, देवघर में राजकीय श्रावणी मेले के दौरान अनेक श्रद्धालुओं का आगमन होगा। इस संदर्भ में, विभिन्न आतंकी घटनाओं में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों की एक सूची तैयार की गई है।
इस सूची में विभिन्न आतंकवादी संगठनों से जुड़े 311 संदिग्धों के नाम शामिल हैं। एटीएस एसपी ने इन संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। यदि राज्य के किसी भी क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों से संबंधित विशेष सूचना प्राप्त होती है, तो एटीएस को कार्रवाई के लिए सूचित करने का भी आग्रह किया गया है।
एटीएस एसपी की रिपोर्ट में 14 जिलों के निवासियों का उल्लेख
एटीएस एसपी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में जिन 311 संदिग्धों के नाम शामिल हैं, वे झारखंड के 14 जिलों से हैं। इनमें रांची, हजारीबाग, चतरा, धनबाद, जमशेदपुर, सरायकेला, लोहरदगा, गढ़वा, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो और रामगढ़ शामिल हैं। रिपोर्ट में सबसे अधिक संदिग्ध लोग पीएफआई से जुड़े पाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, इंडियन मुजाहिदीन, एक्यूआईएस, आईएसआईएस, और एचयूटी जैसे विभिन्न संगठनों के संदिग्धों के नाम भी शामिल हैं।
स्पेशल ब्रांच का 2025 में जारी अलर्ट
स्पेशल ब्रांच ने वर्ष 2025 में देवघर राजकीय श्रावणी मेले के दौरान संभावित आतंकी गतिविधियों के संबंध में विशेष अलर्ट जारी किया था। वर्ष 2026 में भी संदिग्ध आतंकियों द्वारा देवघर मंदिर की रेकी किए जाने की आशंका पर महत्वपूर्ण अलर्ट जारी किया गया। इसके बाद, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट कर मंदिर की सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया।
