रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों की पुलिस रिमांड को दो दिन के लिए बढ़ा दिया गया है।
सीआईडी के रिमांड के दौरान परीक्षा संचालन, ओएमआर शीट, डिजिटल डेटा, सर्वर रिकॉर्ड, अभ्यर्थियों के दस्तावेज, परीक्षा संचालन से जुड़े निर्णय और आरोपियों के बीच संभावित मिलीभगत के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी।
जांच एजेंसी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर भी बयान दर्ज करेगी, ताकि अब तक इकट्ठा किए गए साक्ष्यों का मिलान किया जा सके।
गिरफ्तार किए गए लोग
इस मामले में सीआईडी अब तक कुल नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें जेपीएससी की परीक्षा उप नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालन से संबंधित एजेंसी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार शामिल हैं।
जांच के दौरान चार और व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। इनमें जेपीएससी के पूर्व परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार, टीडीपीएल के निदेशक अजय कुमार, तकनीकी प्रभारी मनीष कुमार और डेटा ऑपरेटर विकास कुमार शामिल हैं।
पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ
सीआईडी ने इस मामले में पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से भी कई घंटे तक पूछताछ की है। उनके कार्यकाल में हुई परीक्षा प्रक्रियाओं, एजेंसियों के चयन और प्रशासनिक निर्णयों के संबंध में जांच जारी है। इसके अलावा, जांच एजेंसी ने आयोग से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं।
