झारखंड में मानसून की गतिविधियों में कमी

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की ओर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के खिसकने के चलते झारखंड में मानसून की गति कुछ धीमी हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। शुक्रवार को रांची में 3 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

2 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में वृद्धि

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 2 अगस्त से रांची सहित कई जिलों में मध्यम स्तर की वर्षा होने की संभावना है। हालांकि, मौजूदा समय में मानसून सक्रिय है, लेकिन झारखंड में अब तक सामान्य से 26 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। 31 जुलाई तक झारखंड में औसतन 508.2 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, जबकि अब तक केवल 376.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

वर्षा का असमान वितरण

राज्य में इस बार वर्षा का वितरण काफी असमान रहा है। पिछले 24 घंटे में चाईबासा में सबसे ज्यादा 11.3 मिमी वर्षा हुई। रांची में 2.8 मिमी, बोकारो में 1.0 मिमी और जमशेदपुर में केवल 0.2 मिमी बारिश हुई। वहीं, डालटेनगंज और पाकुड़ में वर्षा लगभग न के बराबर रही। सीजन की कुल वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो चाईबासा में 595.1 मिमी वर्षा हुई है। रांची में 526.5 मिमी, जमशेदपुर में 436.1 मिमी, डालटेनगंज में 417.1 मिमी और बोकारो में 361.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पश्चिम सिंहभूम एकमात्र जिला है, जहां सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है, जबकि गढ़वा, चतरा, देवघर, पाकुड़ और कोडरमा में अब भी वर्षा की कमी बनी हुई है।

तापमान और उमस की समस्या

शुक्रवार को रांची का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक है। डालटेनगंज में अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री और सरायकेला में 34.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक है। न्यूनतम तापमान में भी हल्की वृद्धि देखी गई है। हवा में नमी का स्तर भी काफी उच्च बना हुआ है। रांची में अधिकतम 97 प्रतिशत और न्यूनतम 75 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज होने के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।

4 अगस्त तक बारिश और तूफान का अलर्ट

मौसम विभाग ने 4 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है। रांची, बोकारो, गुमला और हजारीबाग समेत मध्य झारखंड के कई जिलों में बादल छाए रहेंगे, जबकि दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। इस दौरान तेज हवाएं 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो खरीफ फसलों को लाभ होगा, अन्यथा कम वर्षा वाले क्षेत्रों में कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।