जमशेदपुर में इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी
जमशेदपुर: वर्षों से बंद पड़े इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कर्मचारियों के लिए राहत की एक नई किरण दिख रही है। वेदांता ग्रुप द्वारा कंपनी के अधिग्रहण के बाद, कर्मचारियों में खुशी की लहर है। कंपनी ने अपने स्तर से कर्मचारियों के बकाया भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें लगभग 600 कर्मचारियों के लिए 20 प्रतिशत राशि उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।
कर्मचारियों ने कंपनी के पुनः संचालन का स्वागत किया
रविवार को केबल संघर्ष समिति की एक बैठक कबुल सामुदायिक भवन के पास आयोजित की गई, जिसमें कर्मचारियों के बच्चों को नौकरी में प्राथमिकता देने और बकाया राशि के सूद की मांग उठाई गई। बैठक की अध्यक्षता केबल संघर्ष समिति के अध्यक्ष बीबी महतो ने की। उन्होंने कहा कि कंपनी के फिर से शुरू होने का स्वागत है और सभी श्रमिक इसकी सहायता के लिए तत्पर हैं। हालांकि, उन्होंने प्रबंधन से अनुरोध किया कि समिति के प्रतिनिधियों से मिलकर उनके सुझाव और राय को शामिल किया जाए।
नौकरी के लिए नीति बनाने की मांग
बैठक के दौरान यह भी प्रस्तावित किया गया कि 60 वर्ष से कम आयु वाले कर्मचारियों को नौकरी पर रखा जाए और रिटायर होने वाले कर्मचारियों के बच्चों के लिए भी नियुक्ति नीति बनाई जाए। समिति के सचिव यूके शर्मा ने कहा कि हम सभी कंपनी के साथ हैं, लेकिन प्रबंधन को समिति के सुझावों को ध्यान में रखना चाहिए। समाजसेवी शिव शंकर सिंह ने भी कर्मचारियों के हित में हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।
परिसमापन प्रक्रिया में श्रमिकों के हितों का आकलन
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) के आदेशों के खिलाफ अपील दायर की गई है और इसके कई मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि परिसमापन प्रक्रिया में उनके हितों का उचित आकलन नहीं किया गया है। उन्होंने बकाया भुगतान ब्याज सहित करने और नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि कानूनी लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा और कर्मचारियों ने आगामी रणनीति तय करने के लिए पुनः बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
बैठक में पूर्वी जमशेदपुर के पूर्व प्रत्याशी शिव शंकर सिंह, डॉ बी बी महतो, यूके शर्मा और अन्य कर्मचारी भी उपस्थित थे।
