झारखंड में बारिश का प्रभाव: रांची में जलजमाव और येलो अलर्ट
रांची
मंगलवार को झारखंड के रांची समेत पूरे राज्य में बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया। सुबह से शुरू हुई लगातार बारिश ने पूरे दिन मौसम को बदल कर रख दिया। रांची में दिनभर में लगभग 16 से 20 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार के लिए रांची और अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, 30 जुलाई तक राज्य में मानसून सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक, और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
22 जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने बुधवार को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। रांची, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर, देवघर, दुमका, पलामू, गुमला, लोहरदगा, लातेहार सहित 22 जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। लगातार वर्षा के कारण तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। इसके साथ ही बारिश के कारण वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है।
पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम और अन्य जिलों में भारी वर्षा
डीप डिप्रेशन के प्रभाव से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी और सिमडेगा जिलों में भी अच्छी बारिश हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक-दो दिनों तक इन क्षेत्रों में भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है। सक्रिय मानसून का प्रभाव पूरे दक्षिणी और मध्य झारखंड में महसूस किया जा रहा है।
रांची में जलजमाव से प्रभावित जनजीवन
लगातार बारिश के कारण रांची के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। लालपुर, हरमू, किशोरगंज, अशोक नगर, कांटा टोली, पंडरा और डोरंडा जैसे क्षेत्रों की सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी दिख रही हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तेज बारिश का असर बिजली की आपूर्ति पर भी पड़ा, और कोकर, महावीर नगर, सुंदर विहार, पहाड़ा मंदिर, रातू रोड और धुर्वा जैसे क्षेत्रों में बिजली की आंख-मिचौली जारी रही। बिजली विभाग के अनुसार, बृहस्पतिवार को भी मरम्मत कार्य के चलते कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहने की संभावना है। खराब मौसम के कारण शहर की सामान्य दिनचर्या भी प्रभावित हुई है।
बारिश में कमी, लेकिन सामान्य स्तर से 26 प्रतिशत कम वर्षा
हालांकि राज्य में हाल के दिनों में बारिश की रफ्तार बढ़ी है, लेकिन मानसून का कुल आंकड़ा अब भी सामान्य से पीछे है। 1 जून से 28 जुलाई तक झारखंड में सामान्य 478.3 मिमी वर्षा के मुकाबले केवल 352.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो औसतन 26 प्रतिशत कम है। कई जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है, जैसे चतरा (-61%), गढ़वा (-62%), पाकुड़ (-60%), देवघर (-56%) और गोड्डा (-50%) में 50 प्रतिशत से अधिक वर्षा की कमी देखी गई है। बोकारो (-36%), गिरिडीह (-47%), कोडरमा (-52%) और पलामू (-41%) में भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई है।
कुछ जिलों में बारिश सामान्य स्तर के करीब
हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की स्थिति बेहतर रही है। पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है, जबकि सिमडेगा (-3%) और सरायकेला-खरसावां (-1%) में वर्षा लगभग सामान्य स्तर पर रही है। राजधानी रांची में अब तक 17 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बनी रही, तो वर्षा की कमी की आंशिक भरपाई होने की संभावना है।
