झारखंड में निवेश और रोजगार के मुद्दों पर बीजेपी का हमला

झारखंड में निवेश और रोजगार से जुड़े मामलों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा प्रहार किया है। प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने सरकार से मांग की है कि वह जनता को झूठे सपने दिखाना बंद करे और निवेश तथा रोजगार के दावों पर स्पष्ट जवाब दे। इसके अलावा, बीजेपी ने दिल्ली में आयोजित स्टेक होल्डर्स मीट पर भी सवाल उठाए हैं। वर्मा का कहना है कि बैठक में अन्य विभागों के मंत्री उपस्थित थे, लेकिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर उपस्थित नहीं थे, जो यह दर्शाता है कि यह बैठक केवल एक दिखावा थी।

सीएम के विदेश दौरे पर सवाल

संदीप वर्मा ने मुख्यमंत्री के पिछले विदेश दौरे का उल्लेख करते हुए सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक वर्ष पहले मुख्यमंत्री ने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ स्वीडन, स्पेन, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन की यात्रा की थी। अब सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस दौरे पर जनता के टैक्स का कितना धन खर्च हुआ और इस खर्च के बदले राज्य में कितना वास्तविक निवेश आया है। उन्होंने यह भी पूछा कि जमीनी स्तर पर कितनी योजनाएं शुरू हुई हैं।

सरकार से पिछले कार्यकाल का हिसाब

वर्मा ने बीजेपी की ओर से पिछले सात वर्षों का लेखा-जोखा मांगा। उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि सरकार के कार्यकाल में कितने बड़े उद्योग स्थापित हुए और उनसे कितने स्थायी रोजगार पैदा हुए। उनका दावा है कि वर्तमान में सरकार एक भी बड़ा उद्योग स्थापित करने में सफल नहीं रही है, जो कि जमीनी हकीकत को दर्शाता है।

युवाओं और महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सबसे बड़ा धोखा तब होता है जब लोगों को सुनहरे सपने दिखाए जाते हैं और बाद में उन्हें अधर में छोड़ दिया जाता है। सरकार ने युवाओं को रोजगार और महिलाओं को सुरक्षा देने का वादा किया था, लेकिन वास्तविकता यह है कि लाखों युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं और राज्य में अपराध की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।

डिजिटल गवर्नेंस और IT सेक्टर का मुद्दा

वर्मा ने कहा कि जब सरकार डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आईटी सेक्टर की बात करती है, तो उसे यह भी बताना चाहिए कि राज्य में कितने आईटी पार्क, स्टार्टअप हब या टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित हुए हैं, ताकि युवाओं को आधुनिक रोजगार मिल सके।

निवेशकों का भरोसा टूट रहा है

संदीप वर्मा ने यह भी बताया कि कोई भी निवेशक उसी स्थान पर पैसे लगाता है जहां का माहौल सुरक्षित हो। झारखंड में बढ़ती रंगदारी, अपराध, अवैध खनन और भ्रष्टाचार के कारण निवेशकों का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने सरकारी दावों को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार ने वर्षों से सिंगल विंडो सिस्टम की बात की है, लेकिन नए उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया अब भी जटिल बनी हुई है।

राज्य सरकार की लापरवाही

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सहायता मिल रही है, लेकिन राज्य सरकार की लापरवाही के कारण नए उद्यमियों को आवश्यक सहयोग नहीं मिल पा रहा है। वर्मा ने स्पष्ट कहा कि झारखंड की जनता अब केवल बड़े भाषणों से संतुष्ट होने वाली नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर ठोस कार्य देखने की आवश्यकता है।

बीजेपी के अन्य नेता भी उपस्थित

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी तारिक इमरान और नीरज सिंह भी मौजूद रहे।