राम मंदिर दान घोटाले पर कांग्रेस का आरोप

रांची में कांग्रेस पार्टी के गोवा, दमन एवं दादरा नगर हवेली के प्रभारी और पूर्व मंत्री मानिक राव ठाकरे ने राम मंदिर दान घोटाले के संबंध में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के बावजूद इस मामले में भाजपा या राज्य सरकार की ओर से कोई स्पष्ट उत्तरदायित्व नहीं तय किया गया है।

SIT रिपोर्ट में गड़बड़ियों का खुलासा

विशेष जांच दल (SIT) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुई हैं, लेकिन सरकार ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ठाकरे ने राजधानी रांची स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इस मुद्दे पर गहराई से चर्चा की। उन्होंने चंदा चोरी मामले में केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया।

प्रधानमंत्री की भूमिका पर सवाल

उन्होंने यह भी कहा कि जब इस ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ था, तो इस घोटाले की जिम्मेदारी कौन लेगा? अगर सब कुछ सही था, तो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को इस्तीफा क्यों देना पड़ा? यह प्रश्न उठाते हुए उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए।

क्या ‘डबल इंजन’ सरकार बड़े दोषियों को बचा रही है?

ठाकरे ने यह भी insinuate किया कि ‘डबल इंजन’ सरकार बड़े दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का विषय बना हुआ है, जिससे कांग्रेस पार्टी की स्थिति को और मजबूती मिल सकती है। इस पूरे प्रकरण ने राज्य की राजनीतिक स्थिति को भी प्रभावित किया है, और कांग्रेस इसका लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।