झारखंड लोक सेवा आयोग में अनियमितताओं की जांच में बड़ी कार्रवाई

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई झारखंड सरकार के निर्देशों और दर्ज शिकायतों के आधार पर की गई है। CID ने रांची पुलिस के सहयोग से JPSC कार्यालय सहित राज्य के अन्य स्थानों पर छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपी

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता और TSR Data Processing Private Limited के निदेशक रामवीर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा मो० उस्मान, मो० इरफान और अभय कुमार तिवारी भी गिरफ्तार किए गए हैं। इन सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। CID ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जानकारी दी है कि जांच अभी भी जारी है और नए साक्ष्यों के आधार पर विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

जांच की प्रक्रिया

CID ने बताया कि मामले की जांच के दौरान शुक्रवार को जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी के बाद श्वेता गुप्ता और अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। CID ने रांची के सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं निवारण के उपाय) अधिनियम-2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।