रांची के मारवाड़ी कॉलेज की स्वायत्तता समाप्त

रांची का मारवाड़ी कॉलेज, जो लगभग 17 वर्षों से ऑटोनॉमस संस्थान के रूप में कार्य कर रहा था, अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से रांची विश्वविद्यालय की पारंपरिक शैक्षणिक व्यवस्था के तहत संचालित होगा। इस बदलाव का सीधा असर कॉलेज के 15,000 से अधिक छात्रों पर पड़ने की संभावना है। स्वायत्तता समाप्त होने के बाद, कॉलेज की परीक्षा, परिणाम, पाठ्यक्रम, मूल्यांकन प्रणाली और अकादमिक कैलेंडर का नियंत्रण फिर से रांची विश्वविद्यालय को सौंपा जाएगा। लंबे समय से विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली और परिणाम में देरी को लेकर सवाल उठते रहे हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों के बीच शैक्षणिक सत्र पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

ऑटोनॉमी की समाप्ति का पहले का अनुभव

मारवाड़ी कॉलेज की स्वायत्तता पहली बार वर्ष 2021 में समाप्त हुई थी, जिसका नकारात्मक प्रभाव शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ा था। उस समय, परीक्षा और परिणाम प्रक्रियाएं रांची विश्वविद्यालय के साथ जुड़ने के बाद सत्र में बाधा उत्पन्न कर रही थीं। हालांकि, बाद में कॉलेज को फिर से ऑटोनॉमी मिलने पर प्रबंधन ने परीक्षा कैलेंडर को व्यवस्थित करने और शैक्षणिक सत्र को नियमित करने पर ध्यान केंद्रित किया था। अब, एक बार फिर छात्रों के सामने सत्र की नियमितता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।