झारखंड पुलिस ने एक बार फिर महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। हाल ही में 16 माओवादी ने आत्मसमर्पण किया है, जिसमें पांच महिला नक्सली भी शामिल हैं। यह जानकारी पुलिस द्वारा साझा की गई है।

जिन माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, उनमें संतोष उर्फ वासुदेव दा, संतोष मांझी, चंदन लोहरा, जयकांत मुंडा, राजनाथ हांसदा, अनिल तुरी, सुखलाल बिरजिया, सुदेश होनहागा, एतवारी मांझी, देवान मुर्मू, सुमित्रा सुरीन, चंपा मांझियाइन, रिविलो, सालमी मुंडा और मुन्नी सुरीन शामिल हैं।

झारखंड पुलिस के निशाने पर दो करोड़पति नक्सली

झारखंड पुलिस अब दो करोड़पति नक्सलियों का पीछा कर रही है। इनमें से एक इनामी नक्सली मिसिर बेसरा और दूसरा असीम मंडल है। पुलिस बल इन दोनों नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। वर्तमान में, ये दोनों कोल्हान और पोड़ाहाट क्षेत्र में छिपे हुए हैं, जिसके कारण सुरक्षा बलों ने इनका घेराव कसने की योजना बनाई है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इन नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराना या उन्हें खत्म करना है। हालांकि, सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के दौरान ये दोनों नक्सली कई बार घिरे हैं, लेकिन हर बार बच निकलने में सफल रहे हैं। उनकी लगातार स्थान परिवर्तन की वजह से सुरक्षा बलों को उनके ठिकानों की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती।

पिछले दो महीने में 27 नक्सलियों और उग्रवादियों ने किया था सरेंडर

झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल की कोशिशों के तहत 21 मई 2026 को 27 नक्सलियों और उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। इस दौरान, डीजीपी तदाशा मिश्रा, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने उन्होंने अपने हथियार डाल दिए थे। ये नक्सली मुख्य रूप से कोल्हान और पश्चिम सिंहभूम के सारंडा जिलों में सक्रिय थे और एक करोड़ रुपए के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के नेटवर्क से जुड़े थे। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था।