तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की बागी विधायकों से मुलाकात
नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को AIADMK के बागी विधायकों से चर्चा की। इस बातचीत के दौरान, EPS के विरोधी सीवी शणमुगम ने अपने गुट की ओर से TVK का समर्थन करने की इच्छा व्यक्त की। अनुमान है कि 30 AIADMK विधायक इस बागी खेमे में शामिल हैं। इस खेमे ने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए पार्टी अध्यक्ष एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व पर संदेह जताया था। इस चुनाव में पार्टी ने 164 सीटों पर अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन केवल 47 सीटों पर जीत हासिल की।
फ्लोर टेस्ट से पहले बागी विधायकों का समर्थन
विजय को जल्द ही फ्लोर टेस्ट का सामना करना है। उनके पास आवश्यक संख्या में विधायक हैं, लेकिन यदि उन्हें AIADMK के 30 बागी विधायकों का समर्थन मिल जाता है, तो उनकी स्थिति और मजबूत हो जाएगी, जिससे फ्लोर टेस्ट को पार करना आसान होगा।
JCD प्रभाकर का निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुना जाना
इससे पहले, TVK विधायक JCD प्रभाकर को तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना गया। इस अवसर पर विजय ने सदन को संबोधित करते हुए ब्रिटिश संसदीय प्रणाली के इतिहास का उल्लेख किया और लोकतांत्रिक परंपराओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि राजशाही के समय इंग्लैंड में स्पीकर का क्या महत्व था, विशेषकर जब उन्हें संसद के निर्णयों को राजा तक पहुंचाना होता था।
पुरानी संसदीय प्रथाओं का उल्लेख
विजय ने एक पुरानी संसदीय प्रथा का भी जिक्र किया, जिसमें नए चुने गए स्पीकर को अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने में संकोच होता था, और सदन के नेता तथा विपक्ष के नेता उन्हें सहारा देकर उनकी सीट तक ले जाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परंपरा आज भी लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है।
लोकतंत्र के हृदय के रूप में विधानसभा का महत्व
विजय ने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा को लोकतंत्र के हृदय के रूप में कार्य करना चाहिए। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के शब्दों का हवाला देते हुए कहा कि लोकतंत्र एक ऐसी व्यवस्था है, जो “जनता की, जनता द्वारा और जनता के लिए” स्थापित होती है।
