झारखंड पुलिस मुख्यालय ने 2026 के विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर राज्यभर में उच्चतम सुरक्षा चेतावनी जारी की है। सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे सुरक्षा प्रबंधों को मजबूत करें और किसी भी अप्रिय घटना के लिए तैयार रहें। इस वर्ष श्रावणी मेला 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें चार सोमवारी के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और दुमका के बासुकीनाथ धाम पहुंचने की संभावना है।

पिछले हादसों से सीख, इस बार चूक नहीं होगी

पुलिस मुख्यालय ने अपने निर्देश में पिछले वर्षों में हुई कई गंभीर घटनाओं का उल्लेख किया है, जिनमें बाबा मंदिर में भगदड़, श्रद्धालुओं की मृत्यु, पंडा-पुलिस विवाद, चोरी-छिनतई, फर्जी शीघ्र दर्शन पास, बासुकीनाथ में प्रशासन पर हमले, और 2023 में कांवड़िए के वेश में आए अपराधी की हत्या शामिल हैं। इन घटनाओं के आलोक में सभी जिलों को पहले से सतर्क रहने और संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाने के लिए कहा गया है।

भीड़, आतंक और अपराध… हर स्तर पर रखी जाएगी नजर

पुलिस ने आशंका जताई है कि भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक या आतंकी तत्व किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं। इसलिए मंदिर परिसर, कांवड़िया पथ, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, लावारिस सामान हटाने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है।

कांवड़िया पथ से अस्पताल तक की तैयारी

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कांवड़िया मार्ग पर निरंतर पुलिस गश्त, चेक पोस्ट, सीसीटीवी निगरानी और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। महिलाओं की सुरक्षा, पॉकेटमारों और नशा खिलाकर ठगी करने वाले गिरोहों पर नजर रखने के साथ-साथ खोया-पाया केंद्र, पेयजल, शौचालय, एंबुलेंस, डॉक्टरों और अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, ट्रैफिक व्यवस्था, साफ-सफाई, अवैध शराब और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का भी आदेश दिया गया है।