पाकुड़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 की बैठक

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अगुवाई में मंगलवार को समाहरणालय के सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करना था। उपायुक्त ने सभी संबंधित पक्षों से सक्रिय सहयोग की अपील की।

गणना प्रपत्रों का वितरण सफलतापूर्वक पूरा

उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में गणना प्रपत्रों का 100 प्रतिशत वितरण पूरी तरह से सफलतापूर्वक किया जा चुका है। इसके अलावा, 27 जुलाई 2026 तक 98 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी पूरा हो गया है। उन्होंने बताया कि शेष दो प्रतिशत कार्य को भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और बीएलओ सक्रियता से काम कर रहे हैं।

पात्र मतदाताओं को जोड़ने की अपील

बैठक के दौरान, उपायुक्त ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि यदि उनके ध्यान में कोई पात्र मतदाता है जो गणना प्रपत्र भरने या डिजिटाइजेशन से वंचित है, तो उसे तुरंत चिन्हित कर उसका प्रपत्र भरवाने के साथ-साथ उसी दिन उसका डिजिटाइजेशन भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और समावेशी बनाने में राजनीतिक दलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

SIR के बाद नए नाम जोड़ने का अधिकार

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया खत्म होने के बाद भी किसी पात्र नागरिक का मतदाता सूची में नाम जोड़ने का अधिकार बरकरार रहेगा। भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, पात्र नागरिक भविष्य में भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने या अन्य दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

पारदर्शी और निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया पर जोर

मेघा भारद्वाज ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सहभागिता से भरपूर बनाने में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) और विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।