झारखंड में पशु तस्करी के मामले में महावीर सिंह यादव पर कार्रवाई

झारखंड पुलिस ने महावीर सिंह यादव के खिलाफ पशु तस्करी से संबंधित एफआईआर दर्ज की है। इसके बावजूद, डीजीपी कार्यालय ने उन्हें पशुधन के परिवहन में मदद देने के लिए पत्र जारी किया है। जानकारी के अनुसार, महावीर सिंह यादव ने खुद को झारखंड राज्य पशु विक्रेता संघ का अध्यक्ष बताते हुए 9 फरवरी को डीजीपी को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य के दुधारू पशु आपूर्तिकर्ताओं को परिवहन के दौरान पुलिस और असामाजिक तत्वों द्वारा परेशान किया जाता है।

महावीर सिंह यादव ने पत्र में यह भी लिखा कि झारखंड में गव्य विकास निदेशालय द्वारा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत लाभुकों को दुधारू पशुओं की आपूर्ति की जाती है। इन पशुओं को यूपी के विभिन्न जिलों से झारखंड लाया जाता है, जिसमें फैजाबाद, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, बलिया शामिल हैं। पशुओं के परिवहन के दौरान उन्हें कई जिलों जैसे बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, जमुई, चतरा, हजारीबाग, गिरिडीह, धनबाद और रांची से होकर गुजरना पड़ता है।

महावीर सिंह यादव के खिलाफ दर्ज मामले

केस 1: हजारीबाग के चौपारण में कांड संख्या 61/21 के तहत महावीर सिंह यादव पर एफआईआर दर्ज की गई थी। यह मामला 8 फरवरी 2021 को धारा 414/34 आईपीसी और पशु कुरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत दर्ज किया गया। इस मामले में ट्रक चालक और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर महावीर सिंह यादव पर आरोप है कि उन्होंने मवेशियों को अवैध रूप से लोड किया और परिवहन के लिए आवश्यक कागजात नहीं प्रस्तुत किए।

केस 2: दूसरा मामला जामताड़ा जिले के नाला थाना क्षेत्र का है। 31 जुलाई 2022 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मवेशी लोड किए गए ट्रकों को रोका। जांच में पाया गया कि मवेशियों को अत्यधिक भरी हुई स्थिति में लोड किया गया था। दोनों ट्रक चालकों ने महावीर सिंह यादव की देखरेख में मवेशियों के परिवहन की बात स्वीकार की, जिसके आधार पर उनके खिलाफ नाला थाना में एफआईआर दर्ज की गई।