झारखंड में मौसम का मिजाज बदला, भारी बारिश की संभावना
रविवार को झारखंड के मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। राजधानी रांची सहित कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 जुलाई को भी रांची में बादल छाए रहेंगे और बारिश होने की संभावनाएं हैं। इसी दिन कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, जामताड़ा, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश के दौर का जारी रहना
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले चार दिनों तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 20 और 21 जुलाई को कई स्थानों पर तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है, जबकि 22 जुलाई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश के साथ वज्रपात गिरने की आशंका जताई गई है।
तेज बारिश की नई चुनौती
इस वर्ष झारखंड में मानसून का पैटर्न बदलता हुआ नजर आ रहा है। 12 से 18 जुलाई के बीच के आंकड़ों के अनुसार, अब लगातार बारिश के बजाय एक से दो घंटे के भीतर भारी वर्षा हो रही है। उदाहरण के लिए, 17 जुलाई को रामगढ़ में 60.5 मिमी, 18 जुलाई को रांची में लगभग 50 मिमी और 16 जुलाई को सिमडेगा में 41.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मेदिनीनगर और चाईबासा में भी कम समय में तेज बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन रही है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से यह स्थिति बनी हुई है।
रांची में बारिश से जलमग्न स्थिति
शनिवार को रांची में दोपहर 2 बजे से शाम 3:30 बजे के बीच हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। इस दौरान लगभग 50 से 65 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सीजन की सबसे अधिक बारिश मानी जा रही है। दो घंटे की बारिश में कोकर, मेन रोड, बरियातू, मोरहाबादी, रातू रोड, कांके, कचहरी चौक जैसे क्षेत्रों में जलजमाव हो गया। निचले क्षेत्रों में स्थित घरों और दुकानों में पानी घुस गया और सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
किसानों के लिए राहत का संकेत
बारिश के सक्रिय दौर से किसानों को राहत मिली है। पिछले तीन दिनों में राज्य में वर्षा की कमी में लगभग 3 प्रतिशत की कमी आई है। 15 जुलाई तक झारखंड में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, जो अब घटकर 38 प्रतिशत रह गई है। 1 जून से 18 जुलाई तक सामान्य 371.2 मिमी बारिश के मुकाबले 231.1 मिमी वर्षा हुई है, जबकि रांची में सामान्य 383.9 मिमी के मुकाबले 306.4 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से लगभग 20 प्रतिशत कम है।
आने वाले दिनों में बारिश की उम्मीद
मौसम विभाग का मानना है कि यदि अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का यह सिलसिला जारी रहता है, तो डैमों का जलस्तर बढ़ेगा और धानरोपनी के कार्य में तेजी आएगी। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और रांची होते हुए उत्तर बिहार तक फैली मानसून ट्रफ के कारण आने वाले दिनों में राज्य में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है।
