नई दिल्ली: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रही तीन वनडे मैचों की श्रृंखला अब निर्णायक मुकाबले तक पहुँच चुकी है। दोनों टीमों ने 1-1 से बराबरी की हुई है। यह अंतिम मैच 10 दिसंबर को विशाखापट्टनम के क्रिकेट स्टेडियम में होगा।
भारतीय टीम चाहेगी कि घर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी बढ़त बनाए रखे, जबकि प्रोटियाज टीम 2015 के बाद भारत में पहली बार द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला जीतने का लक्ष्य लेकर मैदान पर उतरेगी।
विशाखापट्टनम में भारत का शानदार रिकॉर्ड
विशाखापट्टनम का मैदान भारतीय टीम के लिए हमेशा से भाग्यशाली रहा है। यहां कुल 10 वनडे अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 7 में विजय प्राप्त की है, जबकि 2 मैच हारे हैं और एक टाई रहा है। इसका जीत प्रतिशत 70% से अधिक है।
हालांकि, चिंता का विषय यह है कि भारत ने इस मैदान पर अपनी आखिरी वनडे जीत मार्च 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ हासिल की थी। उसके बाद मार्च 2023 में ऑस्ट्रेलिया ने इसी स्थल पर भारत को हराया था। लगभग 6 साल बाद भारतीय टीम इस मैदान पर लौट रही है और प्रशंसकों को उम्मीद है कि पुराना जादू वापस लौटेगा।
दक्षिण अफ्रीका के लिए नया मैदान
दक्षिण अफ्रीका की टीम ने विशाखापट्टनम में अब तक कोई वनडे मैच नहीं खेला है। उनका अनुभव यहां केवल दो मैचों तक सीमित है—2019 में एक टेस्ट और 2022 में एक टी-20। दोनों ही मैचों में उन्हें भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
इसका अर्थ है कि प्रोटियाज का इस मैदान पर अब तक का रिकॉर्ड शून्य है। यदि वे श्रृंखला जीतना चाहते हैं, तो न केवल उन्हें भारत को हराना होगा, बल्कि इस मैदान पर अपनी पहली जीत भी दर्ज करनी होगी।
दोनों टीमों की ताकत
भारत के पास अनुभवी बल्लेबाजों का एक मजबूत लाइन-अप है। रोहित शर्मा, विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल (कप्तान) सभी फॉर्म में हैं। स्पिन विभाग में कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखते हैं, जबकि तेज गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा नई ऊर्जा का संचार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका की टीम युवा और आक्रामक है। टेंबा बवुमा की कप्तानी में क्विंटन डी कॉक, एडेन मार्करम, और डेवाल्ड ब्रेविस जैसे खिलाड़ी मौजूद हैं। गेंदबाजी में केशव महाराज, मार्को जैंसन और लुंगी एनगिडी मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
