झारखंड सरकार का स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की योजना
झारखंड सरकार ने राज्य की आपातकालीन और रेफरल स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने 720 नई एंबुलेंस खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मददगार साबित होगी। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में एंबुलेंस की खरीद, संचालन व्यवस्था और निविदा प्रक्रिया की समीक्षा की गई।
50 एडवांस लाइफ सपोर्ट और 270 बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बाकी 690 एंबुलेंस की खरीद के लिए एक महीने के भीतर निविदा प्रक्रिया पूरी की जाए। इस योजना के तहत 50 एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस में से 30 की खरीद प्रक्रिया पहले से चल रही है। इसके अलावा, 270 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) और 400 पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (पीटीवी) भी उपलब्ध कराए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि पुरानी और जर्जर एंबुलेंस के कारण विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों के रेफरल में समस्याएं आ रही थीं, जिसे नई व्यवस्था के माध्यम से हल किया जाएगा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल
400 पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को आवंटित किए जाएंगे। इन वाहनों का संचालन स्थानीय चिकित्सा प्रभारी की निगरानी में आउटसोर्स एजेंसियों द्वारा किया जाएगा, जिसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) प्रति वाहन हर महीने ₹50 हजार उपलब्ध कराएगा। साथ ही, 50 एएलएस एंबुलेंस को राज्य के सभी सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में तैनात किया जाएगा, जबकि 270 बीएलएस एंबुलेंस के संचालन के लिए अलग से एजेंसी का चयन किया जाएगा।
