लोहरदगा जिले में धर्मांतरण पर ग्राम सभा का निर्णय
झारखंड के लोहरदगा जिले के भंडरा प्रखंड स्थित हाटी गांव में धर्मांतरण के मुद्दे पर ग्राम सभा की बैठक ने नई चर्चाएँ शुरू कर दी हैं। हाल ही में आयोजित विशेष ग्राम सभा में यह निर्णय लिया गया कि गांव में धर्मांतरण के लिए आने वाले पादरियों, पास्टरों और मिशनरियों की गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी। इसके साथ ही प्रार्थना सभा और चंगाई सभा पर भी प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इस संबंध में गांव में सूचना बोर्ड भी लगाया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि धर्मांतरण या धार्मिक प्रचार के उद्देश्य से गांव में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम सभा का महत्त्व
इस बैठक में उपस्थित IRS अधिकारी निशा उरांव ने इस निर्णय को गांव की परंपरा और स्वाभिमान से जुड़ा हुआ बताया। उन्होंने कहा कि यह सूचना बोर्ड केवल एक साधारण पट्टी नहीं है, बल्कि यह गांव के स्वाभिमान और धार्मिक परंपरा की रक्षा का संकल्प है। निशा उरांव ने यह भी बताया कि आदिवासी समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है, और हाटी गांव की यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण
निशा उरांव ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम सभा को संविधान के अनुच्छेद 25 और पेसा कानून के तहत अपने पारंपरिक अधिकारों और सामाजिक व्यवस्था की रक्षा का अधिकार है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निर्णयों को पहले भी सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट द्वारा संवैधानिक मान्यता प्राप्त हुई है।
समाज की एकता का प्रतीक
उन्होंने बताया कि इस अभियान में गांव के सनातनी परिवारों ने सरना समाज का सहयोग किया है। निशा उरांव के अनुसार, सरना और सनातन समाज की एकता उन लोगों के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो समाज को विभाजित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आने वाले समय में झारखंड के अन्य गांवों में भी इसी तरह की सूचना पट्टियां स्थापित की जाएंगी ताकि आदिवासी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत किया जा सके।
ग्राम सभा की बैठक में चर्चा
ग्राम सभा में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों की एक बड़ी संख्या ने भाग लिया। बैठक के दौरान जल, जंगल, जमीन, आदिवासी संस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक मूल्यों की रक्षा के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
