जमशेदपुर में करणी सेना नेता हिमांशु सिंह हत्या मामले में बड़ी गिरफ्तारी

जमशेदपुर के चर्चित करणी सेना नेता हिमांशु सिंह के हत्या मामले की जांच में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एसआईटी ने राजस्थान में एक कार्रवाई करते हुए डीडी बार के संचालक और भाजपा से जुड़े व्यवसायी नीरज सिंह को गिरफ्तार किया है। नीरज सिंह अपने बेटे आदित्य के साथ खाटूश्याम मंदिर में दर्शन करने के बाद लौट रहे थे, जब पुलिस की एक टीम जो पहले से ही सादे कपड़ों में मंदिर परिसर में मौजूद थी, ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। मंदिर से बाहर निकलने के बाद, पुलिस ने उनका पीछा किया और लगभग दो किलोमीटर दूर उनकी कार को घेरकर उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को दी गई, जिसके बाद नीरज की पत्नी संध्या सिंह तुरंत राजस्थान के लिए रवाना हो गईं।

ओडिशा से अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी

इस मामले में एसआईटी ने डीडी बार के मैनेजर विजय महानंद को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, अमित लोहार और उसके मामा लखिंदर को भी पुलिस ने दबोच लिया है। इन नई गिरफ्तारियों के बाद हिमांशु सिंह हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। फिर भी, पुलिस के लिए मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा की गिरफ्तारी अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है और उम्मीद है कि उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

गिरफ्तारी के बाद अग्रिम जमानत याचिका का प्रभाव

नीरज सिंह की गिरफ्तारी के परिणामस्वरूप उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वतः अप्रासंगिक हो गई है। इस याचिका पर सोमवार को जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में सुनवाई प्रस्तावित थी, लेकिन गिरफ्तारी के कारण अब इस पर सुनवाई नहीं होगी। कानूनी जानकारों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद पहले अग्रिम जमानत याचिका को वापस लेना आवश्यक होता है, जिसके बाद नियमित जमानत के लिए अदालत में आवेदन किया जाता है। दूसरी ओर, संध्या सिंह द्वारा दायर की गई दो याचिकाएं अभी भी अदालत में लंबित हैं। इनमें पुलिस द्वारा जब्त की गई दो गाड़ियों को रिलीज करने और बिना सर्च वारंट के घर पर छापेमारी किए जाने के मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।