देवघर : राजकीय श्रावणी मेला के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को व्यवस्थित और सुरक्षित रखने के लिए देवघर जिला प्रशासन ने तकनीकी उपायों का प्रभावी उपयोग करना शुरू कर दिया है। इस वर्ष मेले में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित भीड़ प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ घनत्व, और विभिन्न मार्गों की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। इस प्रणाली की समीक्षा के लिए उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने शनिवार को पूरे मेला क्षेत्र का विस्तार से निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने नेहरू पार्क, बाबा मंदिर परिसर, और शिवगंगा जैसे प्रमुख स्थानों का दौरा किया, जहां उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया। उनके साथ उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा समेत कई प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की और मौके पर सुधार के निर्देश दिए।

एआई आधारित भीड़ प्रबंधन प्रणाली का प्रभावी उपयोग

उपायुक्त ने इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने तकनीकी अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित भीड़ प्रबंधन प्रणाली का पूर्ण क्षमता से उपयोग किया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि इस तकनीक के माध्यम से भीड़ के घनत्व, विभिन्न मार्गों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जानी चाहिए। यदि किसी स्थान पर भीड़ का दबाव बढ़ता है, तो तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर स्थिति को नियंत्रित किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति का सामना समय पर किया जा सके।

बाबा मंदिर परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बाबा मंदिर और आसपास के पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने नगर निगम को कहा कि अतिरिक्त सफाईकर्मियों की रोटेशन के आधार पर तैनाती सुनिश्चित की जाए और कचरे का नियमित एवं त्वरित उठाव किया जाए।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण प्रदान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार का निर्देश

उपायुक्त ने मेला ड्यूटी में तैनात दंडाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा बलों से कहा कि देवघर आने वाले सभी शिवभक्त सम्मान और सेवा के योग्य हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन संवेदनशीलता, धैर्य और विनम्रता के साथ करें।

उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ सुरक्षा बनाए रखना नहीं है, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित जलार्पण का अवसर प्रदान करना भी है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर प्रशासन की नजर

श्रावणी मेले के दौरान, हर दिन बड़ी संख्या में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंच रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता, यातायात और नागरिक सुविधाओं की निरंतर निगरानी कर रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके, जिससे उनका धार्मिक अनुष्ठान बिना किसी परेशानी के संपन्न हो सके।