संसद में राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच टकराव

नई दिल्ली: संसद के मकर द्वार पर आज कांग्रेस सांसदों का प्रदर्शन देखा गया, जिसमें राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का आमना-सामना हुआ। इस दौरान जुबानी झड़प हुई, जब राहुल गांधी ने कांग्रेस सांसदों की सराहना की और बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ के रूप में संबोधित किया। वीडियो में देखा जा सकता है कि राहुल गांधी बिट्टू की ओर हाथ बढ़ाते हैं, लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं बढ़ाया। इस पर बिट्टू ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका “देश के दुश्मनों” से कोई संबंध नहीं है।

रवनीत सिंह बिट्टू का राजनीतिक सफर

रवनीत सिंह बिट्टू तीन बार कांग्रेस सांसद रह चुके हैं। उन्होंने पहली बार 2009 में आनंदपुर साहिब से लोकसभा चुनाव जीता था, इसके बाद 2014 और 2019 में लुधियाना से जीत हासिल की। बिट्टू खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथियों के कड़े आलोचक माने जाते हैं। हाल ही में, वे 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। पिछले चुनाव में उन्होंने पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग से लगभग 20,000 वोटों से हार का सामना किया, फिर भी उन्हें केंद्र सरकार में रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री का पद दिया गया।

भविष्य और व्यक्तिगत जीवन

बिट्टू का निजी जीवन भी कई संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता का निधन जब वे महज 11 वर्ष के थे, और 20 वर्ष की आयु में उन्होंने अपने दादा और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को भी खो दिया। बेअंत सिंह की हत्या 1995 में खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों द्वारा की गई थी। वर्ष 2007 में राहुल गांधी से मिलकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा।

बिट्टू का विवादास्पद बयान

यह पहली बार नहीं है जब बिट्टू और राहुल गांधी के बीच ऐसी बयानबाजी हुई हो। सितंबर 2024 में, बिट्टू ने राहुल गांधी के बारे में तीखा बयान दिया था। उन्होंने राहुल गांधी पर सिख समुदाय को बांटने का आरोप लगाया और कहा कि सिख किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं। अमेरिका में किए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, उन्होंने राहुल गांधी को ‘देश के नंबर वन टेरेरिस्ट’ कहा था।