झारखंड में दो IPS अधिकारियों की बर्खास्तगी

जमशेदपुर: झारखंड के दो आईपीएस अधिकारियों पर हाल ही में कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी को एक साथ मुख्यालय भेजने का निर्णय लिया है। यह निर्णय कानून व्यवस्था में लापरवाही के कारण लिया गया है, और दोनों अधिकारी पति-पत्नी हैं।

पूर्वी सिंहभूम में कानून व्यवस्था की स्थिति

एसएसपी पीयूष पांडेय पर आरोप है कि उन्होंने जिले की कानून व्यवस्था को गंभीरता से नहीं लिया। उनके कार्यकाल में अपराध की घटनाएं बढ़ गई थीं, जिससे शहर में दहशत का माहौल बना हुआ था। नागरिकों को सुरक्षित महसूस करने में कठिनाई हो रही थी। पीयूष पांडेय ने एसएसपी का कार्यभार संभालने के बाद कई थानेदारों को स्थानांतरित किया, जिसके बाद बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में अशांति बढ़ गई।

महत्वपूर्ण आपराधिक घटनाएं

पिछले कुछ महीनों में बिष्टुपुर में हुई दो बड़ी आपराधिक घटनाएं एसएसपी की कार्यक्षमता पर सवाल उठाने का कारण बनीं। पहली घटना 13 जनवरी 2026 को हुई, जब प्रसिद्ध युवा कारोबारी कैरव गांधी का अपहरण हुआ। इस घटना ने पुलिस की छवि को धूमिल किया। दूसरी घटना 27 जून को डीडी बार एंड कैफे के बाहर हुई, जिसमें एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे प्रदेश की पुलिस को शर्मसार किया।

सरकार की बदनामी का कारण

हाल ही में आदित्यपुर में हरि ओम नगर के निवासी हिमांशु कुमार पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया। जब लोगों ने बिष्टुपुर का रीगल गोल चक्कर जाम किया, तब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और घटनास्थल पर हंगामा किया।

सरायकेला में पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह

निधि द्विवेदी की नियुक्ति के बाद चांडिल और कपाली क्षेत्र में पुलिस के दुर्व्यवहार के मामले सामने आए। कपाली ओपी में एक आदिवासी महिला के साथ मारपीट की घटना ने स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी पैदा की। भाजपा के नेताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिष्टुपुर में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो गई है।

आगामी चुनौतियां

एक और घटना में आदित्यपुर में प्रेम ज्वैलर्स के मालिक पर रंगदारी मांगने के दौरान हमला किया गया। इस घटना ने सरकार के सामने कार्रवाई की आवश्यकता को और बढ़ा दिया। इन सभी घटनाओं के मद्देनजर, सरकार को अपनी छवि सुधारने के लिए तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है।