बोकारो में साइबर अपराध का नया मामला

बोकारो में साइबर अपराधियों का आतंक बढ़ता जा रहा है, जिसमें पढ़े-लिखे लोग भी ठगी का शिकार बन रहे हैं। हाल ही में केबी कॉलेज बेरमो के प्राचार्य, प्रोफेसर लक्ष्मी नारायण को एक ठग ने बैंक मैनेजर बताकर धोखा दिया। इस घटना में ठग ने उनके खाते से लगभग 2 लाख 42 हजार रुपये निकाल लिए। प्राचार्य ने इस धोखाधड़ी की शिकायत बोकारो के साइबर थाने में दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।

फर्जी बैंक मैनेजर का फोन कॉल

कॉलेज के मीडिया प्रभारी, डॉ. प्रभाकर कुमार के अनुसार, यह घटना 1 जुलाई की शाम को हुई। प्राचार्य के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया की कथारा शाखा का मैनेजर बताया। उसने प्राचार्य को धमकाते हुए कहा कि यदि उन्होंने तुरंत अपने खाते का बायोमेट्रिक केवाईसी नहीं कराया, तो उनका बैंक अकाउंट बंद हो जाएगा।

जाल में फंसने की कहानी

ठग ने पहले प्राचार्य को बैंक आने के लिए कहा, लेकिन बाद में उन्हें यह बताया कि यदि उनके मोबाइल में बैंक का ऐप है, तो यह कार्य घर बैठे भी किया जा सकता है। प्राचार्य उसकी बातों में आ गए और उन्होंने अपने मोबाइल ऐप के माध्यम से चार से पांच ओटीपी उस फर्जी मैनेजर के साथ साझा कर दिए।

खाते में बचे केवल 175 रुपये

रात करीब 12 बजे प्राचार्य के मोबाइल पर पैसे कटने के मैसेज आने लगे। ठगों ने चार बार में उनके खाते से 2,42,000 रुपये निकाल लिए और खाते में केवल 175 रुपये छोड़ दिए। नुकसान की जानकारी मिलने पर प्राचार्य ने अगले दिन 2 जुलाई को बैंक जाकर अपना खाता फ्रीज कराया और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।

सावधानी बरतने की आवश्यकता

हैरानी की बात यह है कि अगले ही दिन उसी नंबर से कॉलेज के एक और प्रोफेसर, गोपाल प्रजापति को फोन आया, लेकिन वह सतर्क थे और ठगों के झांसे में नहीं आए। बोकारो पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि बैंक कभी भी फोन पर पासवर्ड या ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।