भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का कांग्रेस पर हमला
झारखंड में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पार्टी द्वारा अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले पर उठाए गए सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति में लिपटी हुई है और राम मंदिर के संदर्भ में केवल दिखावे के लिए आंसू बहा रही है।
कांग्रेस की इतिहास पर टिप्पणी
साहू ने कहा कि यह वही कांग्रेस पार्टी है जिसने रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान अदालत में एक हलफनामा पेश किया था, जिसमें कहा गया था कि राम एक काल्पनिक पात्र हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस ने कारसेवकों पर गोली चलाने और उनकी हत्या का समर्थन किया था, जिससे उनकी असली मंशा स्पष्ट होती है।
रामलला के जन्मस्थान का मामला
उन्होंने आगे कहा कि जब माननीय उच्चतम न्यायालय ने रामलला के जन्मस्थान को मान्यता दी, तब भी कांग्रेस ने खुशी नहीं जताई। जब भव्य मंदिर में रामलला की प्राणप्रतिष्ठा हुई, तो कांग्रेस के नेता, जैसे सोनिया गांधी और राहुल गांधी, आमंत्रण तक स्वीकार नहीं कर सके। यह कांग्रेस की असली सोच को दर्शाता है।
चढ़ावा मामले में जांच
आदित्य साहू ने चढ़ावा मामले में कुछ अनियमितताओं के उजागर होने की बात की और कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले की त्वरित जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि जो लोग दोषी पाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जिससे कांग्रेस पार्टी की चिंता बढ़ गई है।
जनता की समझदारी
साहू ने यह भी कहा कि जनता कांग्रेस पार्टी के चाल-चरित्र से अवगत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी सनातन संस्कृति का सम्मान करने की चिंता नहीं की। उदाहरण के लिए, सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के समय कांग्रेस नेतृत्व ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को जाने से रोकने का दबाव बनाया था, लेकिन राजेंद्र बाबू ने अपने निर्णय को नहीं बदला।
कांग्रेस की प्राथमिकताएँ
भाजपा अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि कांग्रेस पार्टी को राम मंदिर की चिंता छोड़कर अपने वोट बैंक की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण और परिवारवाद की राजनीति ही कांग्रेस की पहचान बन चुकी है।
