झारखंड संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में अनियमितताओं की जांच में नया मोड़

झारखंड संयुक्त स्नातक स्तरीय (JPSC-CGL) परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुकी है। जांच एजेंसियां अब केवल परीक्षा में गड़बड़ी की जांच तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि आरोपी अभय तिवारी के परिवार के सदस्यों की सरकारी नियुक्तियों की भी गहन पड़ताल कर रही हैं।

अभय तिवारी के प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि अभय तिवारी ने पहले भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की थी। इसके अलावा, वे एक निजी एजेंसी में महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए परीक्षा संचालन से संबंधित गतिविधियों में भी संलग्न रहे हैं। इस सिलसिले में उनके भाई की सरकारी नियुक्ति और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी छानबीन की जा रही है।

CID की पूछताछ का दायरा बढ़ा

इस बीच, झारखंड CID ने मामले में हिरासत में लिए गए अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ को और तेज कर दिया है। यह जांच अब व्यापक रूप ले चुकी है, जिसमें विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।